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लेखराज अज़ीज़

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लेखराज अज़ीज़ बाबत

सिंधी साहित्य - अकादमी अवार्ड - फेमस सिंधी

lekhraj_azizउहो 19 ऑगस्ट 1971 जो डीहुँ हो जो सिंधी साहित्य जे नामवर ऐं हरदिल अज़ीज़, अकादमी अवार्ड हासिल कियिल, कलम जे सिपाही लेखराज अज़ीज़ जी मौत जी खबर खणी आयो। हैदराबाद सिंध में जन्म वठी विरहांगे बैद मुंबई में थायींके थियिल लेखराज किशिनचन्द मीरचंदानी खे उन्हन थोरन विरलन सिंधी साहित्यकारन में शुमारियो वेन्दो आहे जिनखे सिंधी नज़म तोड़े नसर बिन्ही में महारत हासिल हुयी। इहो सचु आहे त लेखराज अज़ीज़ खे संदस कविताउन जे किताब "सुराही" लाय अकादमी अवार्ड सां नवाजियो वियो आहे पर अजु बि खेस बिन मशहूर ऐं कामियाब सिंधी नाटकन "कुमार अजीतसिंह" ऐं "मिस्टर मंजू " जे लेखक जे रूप में याद कियो पियो वञें। पेशे खां सिंधी लेक्चरर हूंदे बि लेखराज अज़ीज़ दिल सां साहित्यकार या वधीक सही कवी हो। संदस लिखियिल सोरिहन किताबन मां यारिहां कविताउन जा आहिन।

थोरे में परिचय [ बायोग्राफी ]

सजो नालो 

जन्म 

जन्म तारीख 

पढ़ाई 

प्रोफेशन 

खेतर 

भारत में 

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लेखराज किशिनचन्द मीरचंदानी "अज़ीज़"

हैदराबाद सिंध

19 दिसंबर 1897 

बी. ए.

सिंधी लेक्चरर 

सिंधी साहित्य 

मुंबई 

 

योगदान – लेखराज अज़ीज़ जा किताब

पहिंजे अदबी जीवन में लेखराज अज़ीज़ कुल मिलाये १६ किताब लिखिया आहिन तिन मान किन वधीक मशहूर किताबन जा उन्वान हेठ डिजन था : -

आबशार
अदबी आइनो
गुलज़ार ऐ अज़ीज़
कुमार अजीतसिंह
मिस्टर मंजू
शायरानी शमा
सिंधी इसतलाह
सुराही

अवार्ड – लेखराज अज़ीज़

लेखराज अज़ीज़ जे साहित्यिक जीवन जो काफी वडो अरसो [डाहको साल] मुल्क जे विरहांगे ऐं भारत में सिंधियिन जे थायिंके थियण जी कोशिशन वारो दौर हूंदे बि अहिडा काफी मोका आया जो हिन जो सत्कार कियो वियो।  सिंधी अदब में लेखराज अज़ीज़ जे योगदान खे ध्यान में रखी 1966 में सिंधी साहित्य अकादमी खेस मानवारे अकादमी अवार्ड सां नवाजियो।